पांच बेटे… फिर भी भूखी मां, गढ़वा से इंसानियत को झकझोर देने वाली कहानी
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले से सामने आई यह घटना समाज की संवेदनाओं पर गहरा सवाल खड़ा करती है। भवनाथपुर थाना क्षेत्र के सिंदुरिया गांव की रहने वाली 70 वर्षीय राजकली कुंवर ने पांच बेटों को जन्म दिया, उन्हें पाल-पोसकर बड़ा किया — लेकिन आज वही मां एक वक्त के भोजन को तरस रही है।
राजकली कुंवर का आरोप है कि उनके पांचों बेटे — चलितर, पिंटू, धर्मेंद्र, अरविंद और जीतेंद्र — न तो उन्हें खाने की व्यवस्था कर रहे हैं और न ही रहने की जगह दे रहे हैं। बुजुर्ग महिला का कहना है कि लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलने के बाद वह न्याय की आस में सीधे एसपी कार्यालय पहुंची।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें District Legal Services Authority (डीएलएसए) भेजा, जहां त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें श्रीबंशीधर नगर स्थित वृद्धाश्रम में सुरक्षित आश्रय दिलाया गया।
डीएलएसए सचिव ने महिला के सभी पांचों बेटों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और बुजुर्ग महिला को कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
यह सिर्फ एक मां की पीड़ा नहीं है, बल्कि हमारे सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर सीधा प्रश्न है। जिन बच्चों को जीवन दिया, वही आज उसे बेसहारा छोड़ दें — यह तस्वीर पूरे समाज को आईना दिखाती है।
अब सवाल यही है —क्या मां-बाप को सम्मान से जीने के लिए अब कानून का सहारा लेना पड़ेगा?








