एसआईआर से घबरायी टीएमसी, ममता बनर्जी का विरोध राजनीतिक ड्रामा — शमिक भट्टाचार्य
कोलकाता: एसआईआर (Special Intensive Revision) को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। Bharatiya Janata Party ने एसआईआर का विरोध कर रही Mamata Banerjee और उनकी पार्टी Trinamool Congress पर तीखा हमला बोला है।
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद Shamik Bhattacharya ने ममता बनर्जी के विरोध को “राजनीतिक ड्रामा” बताते हुए कहा कि एसआईआर से तृणमूल कांग्रेस घबरा गई है। उन्होंने दो टूक कहा—
“ममता बनर्जी मंगल ग्रह चली जाएं या अंटार्कटिका, लेकिन एसआईआर होकर रहेगा।”
एसआईआर नहीं, तो वोट नहीं”
शमिक भट्टाचार्य ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी के राजनीतिक चरित्र और ड्रामेबाजी को अच्छी तरह समझ चुकी है, और अब वही सच्चाई दिल्ली भी देख रही है। उन्होंने कहा कि कभी मौसम, कभी यात्राओं और कभी आंदोलनों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है।
भाजपा नेता ने दावा किया कि बंगाल की जनता का साफ संदेश है —
“No SIR, No Vote.”
जनता ने तय कर लिया है — टीएमसी को हराना है”
भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य की जनता ने मन बना लिया है कि आगामी चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी एसआईआर प्रक्रिया रोकने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के काम में भी बाधा डाल रही है।
उन्होंने कहा कि देश के 12 राज्यों में एसआईआर चल रहा है, कहीं कोई अराजकता नहीं है — सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही इतना हंगामा क्यों? जवाब साफ है — सच्चाई सामने आने का डर।
2005 की याद दिलाई
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 4 अगस्त 2005 को खुद ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण की मांग की थी और कहा था कि वोटर लिस्ट बांग्लादेशी घुसपैठियों से भरी हुई है।
आज वही ममता बनर्जी एसआईआर का विरोध कर रही हैं, जिसे भाजपा ने “घोर राजनीतिक पाखंड” बताया।
बीएलओ को धमकाने का आरोप
शमिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की लगभग 2200 किलोमीटर लंबी सीमा बांग्लादेश से लगती है, जिससे अवैध घुसपैठ आसान हो जाती है। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस नहीं चाहती कि मतदाता सूची से बांग्लादेशी और रोहिंग्या के नाम हटें, इसी कारण बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को धमकाया जा रहा है और चुनाव आयोग पर खुले हमले किए जा रहे हैं।
“2026 में हार तय”
भाजपा नेता ने कहा कि ममता बनर्जी समझ चुकी हैं कि 2026 के विधानसभा चुनाव में उनकी हार तय है। उन्होंने कहा—
“डिटेन, डिलीट और डिपोर्ट ही लोकतंत्र की शुद्धता और राष्ट्रहित का रास्ता है।”
भाजपा का दावा है कि पश्चिम बंगाल की जनता जागरूक हो चुकी है और टीएमसी की राजनीतिक नौटंकी को नकार रही है।







