Maiya Samman Yojana Crisis: पोर्टल बंद, पलामू की एक लाख से ज्यादा महिलाओं को नहीं मिल रहे 2500 रुपये
पलामू: मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना पलामू जिले की लाखों महिलाओं के लिए अब राहत नहीं, इंतजार की योजना बनती जा रही है। योजना के तहत हर महीने 2500 रुपये मिलने की आस लगाए बैठी महिलाएं महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण उनका आवेदन आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
सरकार आपके द्वार कार्यक्रम और मंइयां कैंप के दौरान जमा किए गए एक लाख से अधिक आवेदन आज भी पलामू जिले के विभिन्न अंचल कार्यालयों में लंबित पड़े हुए हैं। सामाजिक सुरक्षा कोषांग का पोर्टल करीब एक साल से बंद है, जिससे इन आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं हो सकी है। बिना ऑनलाइन प्रविष्टि के योजना का लाभ मिलना संभव नहीं है।
पोर्टल बंद, प्रक्रिया ठप
महिलाओं का कहना है कि वे बार-बार अंचल कार्यालय पहुंच रही हैं, लेकिन हर बार उन्हें यही जवाब दिया जाता है कि पोर्टल बंद है। इससे न केवल पात्र महिलाएं योजना से वंचित हैं, बल्कि सरकारी भरोसे पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
नई महिलाएं नहीं जुड़ रहीं, पुरानी बाहर हो रहीं
योजना की गाइडलाइन के अनुसार 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को लाभ दिया जाना है। लेकिन पोर्टल बंद रहने की वजह से
18 वर्ष पूरी कर चुकी नई पात्र महिलाएं योजना में जुड़ नहीं पा रही हैं
50 वर्ष की आयु पूरी करने वाली महिलाओं के नाम हर महीने सूची से हटाए जा रहे हैं
इसका सीधा असर यह हुआ है कि लाभुकों की संख्या लगातार घट रही है।
फिलहाल पलामू जिले में 3,51,580 महिलाएं मंइयां सम्मान योजना का लाभ ले रही हैं, जिन्हें प्रतिमाह 2500 रुपये मिलते हैं। लेकिन नए नाम न जुड़ने से योजना का दायरा सिमटता जा रहा है।
जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक नीरज कुमार ने स्वीकार किया कि पोर्टल बंद होने के कारण आवेदन की ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि पोर्टल खुलते ही सभी लंबित आवेदनों की प्रविष्टि की जाएगी।
कब खुलेगा पोर्टल?
झारखंड सरकार ने नवंबर 2024 में पुराने करार की अवधि समाप्त होने के बाद नया पोर्टल लाने की घोषणा की थी। दिसंबर 2024 में नया पोर्टल तो शुरू हुआ, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण अब तक इसे पूरी तरह चालू नहीं किया जा सका है।
जनवरी 2025 में मतदाता सूची में जुड़ी 20 हजार से अधिक नई महिलाओं को भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।








