निर्माणाधीन पुल के गार्डवाल में दरार: गढ़वा विधायक से शिकायत की भनक लगते ही बौखलाया ठेकेदार
रमकंडा में घटिया पुल निर्माण का मामला, शिकायत करने वाले ग्रामीणों को धमकी
गढ़वा: गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन पुल एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। पुल निर्माण में अनियमितता की शिकायत विधायक से किए जाने की खबर सामने आते ही संवेदक के बौखलाने और ग्रामीणों को धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। मामला रंका-गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के चेटे पंचायत का है, जहां उदयपुर-चेटे सड़क पर पटसर और सुली गांव के बीच बनाए जा रहे पुल को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से मौजूद एक मजबूत और उपयोगी पुलिया को बिना किसी तकनीकी आवश्यकता के तोड़ दिया गया और उसके स्थान पर नया पुल घटिया सामग्री से तैयार किया गया। पिलर निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई, जिसकी पुष्टि स्वयं तत्कालीन कनीय अभियंता ने की थी। अभियंता द्वारा पिलर तोड़कर दोबारा निर्माण का निर्देश भी दिया गया था, लेकिन संवेदक की मनमानी और कार्यपालक अभियंता की कथित मिलीभगत से उस निर्देश को नजरअंदाज कर दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण के दौरान लगातार विरोध किया गया, अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी गड़बड़ी की खबरें चलीं, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। घटिया निर्माण का नतीजा यह है कि पुल के अप्रोच गार्डवाल में अभी से दरारें दिखाई देने लगी हैं। पुल की ऊंचाई अधिक और सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण भारी वाहनों का आवागमन लगभग ठप हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क चेटे पंचायत को जोड़ने वाली एकमात्र मुख्य सड़क है। ऐसे में संकीर्ण और खतरनाक अप्रोच के साथ बनाया गया यह पुल भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकता है। उन्होंने इसे सरकारी धन की खुली बर्बादी बताते हुए निष्पक्ष जांच और तत्काल सुधार की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है की इसके अलावे उदयपुर चेटे रोड में बरुनवा नाला पर बने पुल में भी अनियमितता बरती गयी.
शिकायत की खबर से भड़का संवेदक, धमकी का आरोप
इस पूरे मामले में विधायक प्रतिनिधि ज्ञानरंजन पांडेय ने प्रेस बयान जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही ग्रामीणों द्वारा विधायक से की गई शिकायत की जानकारी संवेदक को मिली, वह ग्रामीणों को धमकाने लगा। विधायक प्रतिनिधि ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्रामीण किसी दबाव या धमकी से डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पुल निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई है, जिसकी पुष्टि हो चुकी है और सुधार के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद संवेदक मनमाने तरीके से काम पूरा कराने में लगा है। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अप्रोच रोड को चौड़ा कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।








