गिरिडीह–सरिया रेलवे स्टेशन पर तस्करी से पहले 4 नाबालिग बच्चे सुरक्षित, संयुक्त कार्रवाई में एक संदिग्ध पकड़ा गया
गिरिडीह: जिले में बाल तस्करी के एक संभावित बड़े मामले को समय रहते विफल कर दिया गया।
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन बनवासी विकास आश्रम, गिरिडीह, रेल पुलिस बल (RPF) सरिया रेलवे स्टेशन और आभा की सतर्कता टीम की त्वरित और समन्वित कार्रवाई से चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
यह कार्रवाई 13 जनवरी (मंगलवार) को उस समय की गई, जब कोडरमा चाइल्डलाइन के माध्यम से बाल तस्करी की सूचना बनवासी विकास आश्रम गिरिडीह के कार्यक्रम समन्वयक उत्तम कुमार को प्राप्त हुई।
सूचना मिलते ही अलर्ट, ट्रेन में संयुक्त छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तम कुमार ने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (RPF) हजारीबाग रोड स्टेशन को सूचना दी। इसके बाद ट्रेन संख्या 12365 के बोगी नंबर D5 में संयुक्त कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान चार नाबालिग बच्चों और उनके साथ मौजूद एक वयस्क व्यक्ति (संभावित तस्कर)को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
संदिग्ध की पहचान, बच्चों की उम्र 3 से 8 वर्ष
रेस्क्यू के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम पिंटू राठौर, पिता – लालन राठौर, निवासी – नदीयावां, थाना – काको,जिला – जहानाबाद (बिहार) बताया।
बचाए गए बच्चों की उम्र लगभग 3 से 8 वर्ष के बीच पाई गई। पूछताछ के दौरान बच्चों के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर मामले को संदिग्ध मानते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जिला बाल कल्याण समिति (CWC) गिरिडीह को सौंप दिया गया।
CWC के समक्ष प्रस्तुत, सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित
रेस्क्यू किए गए सभी नाबालिग बच्चों को सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करते हुए बाल कल्याण समिति (CWC) गिरिडीह के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इस पूरी प्रक्रिया में बनवासी विकास आश्रम और आभा, गिरिडीह द्वारा आवश्यक सहयोग दिया गया।
बनवासी विकास आश्रम के समन्वयक उत्तम कुमार ने कहा: झारखंड में बाल तस्करी की समस्या बेहद गंभीर है। रेल मार्ग तस्करों के लिए आसान साधन बनता जा रहा है। लेकिन बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का मजबूत नेटवर्क सक्रिय है। RPF भी इस मुद्दे को लेकर बेहद संवेदनशील है। आम लोगों को भी सहयोग करना चाहिए। 1098 पर कॉल कर बच्चों को तस्करों के चंगुल से बचाया जा सकता है।
इस सफल रेस्क्यू अभियान में उत्तम कुमार, छोटेलाल यादव और भागीरथी देवी की भूमिका अहम रही








