गढ़वा में इंजीनियरिंग का गजब नमूना, PMGSY के पुल में बना दिया सात फिट चौड़ाई वाला एप्रोच पथ
गढ़वा: ग्रामीण कार्य विभाग गढ़वा के इंजीनियरों की काबिलियत देखना हो तो एक पुल निर्माण योजना में देखिये. इंजीनियरों ने पुल निर्माण योजना में ऐसा काम किया है. जिससे एप्रोच पथ की चौड़ाई मात्र सात फिट रह गयी. दरअसल गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पटसर गांव में 1.81 करोड़ की लागत से ग्रामीण कार्य विभाग गढ़वा के इंजीनियरों ने पहले क्यारी में 25 फिट उंचा पुल बनाया.
इसके बाद एप्रोच पथ का डीजाईन और ऊंचाई ऐसा तैयार किया की अब एप्रोच पथ की चौड़ाई महज सात फिट रह गयी. ऐसे में अब इस सात फिट चौड़ाई के कारन भारी वाहन इस पुल से आवागमन नहीं कर सकते. सिर्फ कार और दो पहिया वाहन ही अब एप्रोच पथ से गुजर सकते हैं.

इसे ऐसे समझिये
25 फिट उंचा पुल बनने के बाद दोनों तरफ एप्रोच पथ के लिए गार्डवाल का निर्माण किया गया. लेकिन इंजीनियरिंग का नायब उदहारण की कहानी अब यहीं से शुरू होती है. पुल की ऊंचाई 25 फिट लेकिन एप्रोच पथ के लिए गार्डवाल की ऊंचाई काफी कम कर दी गयी.ऐसे में एप्रोच पथ में लेबल के अनुसार जब मिटटी भरा गया. तो गार्डवाल की ऊंचाई कम होने के कारन दोनों तरफ मिटटी भरक गया. ऐसे में महज सात फिट चौड़ाई तक ही लेबल के अनुसार एप्रोच पथ में मिटटी रुक पाया. अन्ततः एप्रोच पथ की चौड़ाई अब सात फिट रह गयी.
ग्रामीणों की शिकायत विभाग ने की अनसुनी तो विधायक से हुई शिकायत
इस गड़बड़ी की शिकायत ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारीयों से की. लेकिन अधिकारीयों ने डीपीआर के अनुसार ही काम होने की बात कहकर ग्रामीणों की शिकायत को अनसुना कर दिया. ऐसे में पटसर के ग्रामीणों ने गढ़वा विधात्यक सतेन्द्रनाथ तिवारी से शिकायत कर दी. वहीं विधायक ने इसे संज्ञान लेकर राज्य स्तरीय अधिकारीयों तक मामले को पहुंचा दिया. अब संवेदक से लेकर विभागीय कर्मी इस समस्या को ठीक करने की बात कह रहे हैं. लेकिन सवाल उठता है की आखिर डीपीआर के समय इंजीनियरों ने इस समस्या को क्यूँ नहीं जान पाये. इस तरह का मामला सामने आने के बाद अब सवाल यह भी उठने लगा है की कहीं इंजीनियरों ने स्थल को देखें बिना ही टेबुल पर बैठकर क्यारी में पुल निर्माण का डीपीआर तैयार तो नहीं किया.ग्रामीण सवाल उठाने लगे हैं की अगर इंजीनियरों ने स्थल देखकर इसका प्रारूप बनांते तो क्यारी में इतना उंचा पुल की जरुरत नहीं पड़ती. और एप्रोच पथ की चौड़ाई वाली समस्या नहीं आती.
विधायक से शिकायत के बाद ग्रामीणों की उम्मीद बढ़ी
गढ़वा विधायक सतेन्द्रनाथ तिवारी से पुल निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत के बाद ग्रामीणों की उम्मीद बढ़ गयी है. शिकायत के बाद संवेदक की ओर से ग्रामीणों की मांग के अनुरूप पुल निर्माण में कार्य होने की सम्भावना है. पिछले दिनों संवेदक ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांग का अवलोकन किया. यह चेटे पंचायत को जोड़ने वाला एकमात्र मुख्य सड़क है.
ग्रामीणों ने जमीन नहीं दी, अब गार्डवाल की ऊंचाई बढ़ायी जायेगी: सहायक अभियंता
इस संबंध में पूछे जाने पर ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता अंकुर चौरसिया ने कहा की प्रयास के बावजूद ग्रामीणों ने गार्डवाल के लिए अतिरिक्त जमीन नहीं दी. इसके कारण परेशानी हुई. अब गार्डवाल की ऊंचाई को बढ़ाकर इस समस्या को ठीक किया जायेगा






