गढ़वा में बड़ा खुलासा: कैसरे हिन्द की जमीन पर नगर परिषद् ने बना दी गईं 84 दुकानें
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले से एक बड़ी प्रशासनिक अनियमितता सामने आई है। गढ़वा थाना के पास स्थित केसरे हिंद भूमि पर पार्क विकसित करने की जगह नगर परिषद द्वारा कथित तौर पर अनधिकृत रूप से 84 दुकानें बना दिए जाने का खुलासा हुआ है।
इस पूरे मामले का पर्दाफाश एसडीओ Sanjay Kumar की जांच रिपोर्ट में हुआ है, जिसे उपायुक्त Dinesh Kumar को सौंपा गया है।
एसडीओ की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि—
संबंधित जमीन नगर परिषद की नहीं थी
केसरे हिंद भूमि का व्यावसायिक उपयोग कानूनी रूप से संभव नहीं है
इसके बावजूद वहां 84 दुकानें बना दी गईं
रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य भी सामने आए हैं। बताया गया कि 84 दुकानों के लिए सिर्फ 53 आवेदन प्राप्त हुए थे, फिर भी सभी दुकानों का आवंटन कर दिया गया। कई मामलों में एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्यों को दुकानें दिए जाने की बात सामने आई है।
इतना ही नहीं, जिन दुकानों को फुटपाथी दुकानदारों के पुनर्वास के नाम पर बनाया गया था, वे कथित तौर पर बड़े व्यापारियों, डॉक्टरों और आढ़तियों को आवंटित कर दी गईं। पीपीपी मॉडल का हवाला दिया गया, लेकिन वास्तविकता में दुकानों का सीधा आवंटन कर दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ ने नगर विकास विभाग से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की सिफारिश की है। प्रशासनिक हलकों में इसे सार्वजनिक जमीन के दुरुपयोग का बड़ा मामला माना जा रहा है।
अब सवाल यही है —
क्या पार्क की जमीन पर दुकानें बनाकर हुए इस “खुले खेल” पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी, या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा?








