मासूमों को HIV संक्रमित खून चढ़ाने का मामला: झारखंड हाईकोर्ट सख्त, दोषियों पर FIR दर्ज करने का आदेश
रांची: Jharkhand High Court ने चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित नाबालिग बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाए जाने के गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति Gautam Kumar Choudhary की पीठ ने की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
शिकायतकर्ताओं को भी मिलेगी FIR की प्रति
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि दर्ज की गई FIR की एक प्रति शिकायतकर्ताओं को भी उपलब्ध कराई जाए। साथ ही पुलिस को निर्देश दिया गया है कि FIR की कॉपी जवाबी हलफनामे के साथ अदालत में पेश की जाए।
2025 की घटना, पांच बच्चों में HIV की पुष्टि
यह मामला वर्ष 2025 का है, जब चाईबासा स्थित Chaibasa Sadar Hospital में इलाज के दौरान थैलेसीमिया से पीड़ित पांच नाबालिग बच्चों को संक्रमित खून चढ़ा दिया गया। इसके बाद जांच में बच्चों के HIV संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।
इस खुलासे के बाद पूरे राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए थे। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में पुलिस कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला न सिर्फ पीड़ित परिवारों को न्याय की उम्मीद देगा, बल्कि सरकारी अस्पतालों में रक्त जांच और ट्रांसफ्यूजन सिस्टम को भी जवाबदेह बनाएगा।
अब बड़ा सवाल यही है —
क्या इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अफसरों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी, या मामला फिर फाइलों में सिमट जाएगा?







