Delhi Air Pollution Alert: AQI 385, 19 इलाकों में हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में
नई दिल्ली:राजधानी दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 385 दर्ज किया गया, जो मानक से करीब तीन गुना अधिक है। शहर के 19 इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंच गया, जिसे गंभीर श्रेणी माना जाता है। अगले दो दिनों तक हालात में सुधार की संभावना बेहद कम बताई जा रही है।
मानकों के अनुसार, हवा में पीएम-10 कणों का स्तर 100 और पीएम-2.5 का स्तर 60 से नीचे होने पर ही इसे स्वास्थ्य के लिए अनुकूल माना जाता है। शनिवार दोपहर तीन बजे दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम-10 का औसत स्तर 326.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम-2.5 का स्तर 212 दर्ज किया गया। इसका मतलब है कि हवा में मानक से सवा तीन गुना तक अधिक प्रदूषक कण मौजूद हैं।
इस बार दिसंबर महीने में दिल्ली के लोगों को पहले की तुलना में अधिक प्रदूषित हवा में सांस लेनी पड़ रही है। प्रदूषण फैलाने वाले स्रोत पहले की तरह सक्रिय हैं। सर्द मौसम के कारण बायोमास और कचरा जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है, जिससे प्रदूषण और बढ़ गया है। वहीं, हवा की गति बेहद धीमी होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही जमा हो रहे हैं। लंबे समय से बारिश न होने का असर भी साफ दिखाई दे रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, महज दो दिनों में ही वायु गुणवत्ता सूचकांक में 151 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है।
अगले दो दिन भी राहत नहीं
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिनों तक हवा की गति सामान्य रूप से 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम ही रहने की संभावना है। इसके चलते प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक बने रहेंगे और वायु गुणवत्ता का स्तर बेहद खराब श्रेणी में ही बना रह सकता है। ऐसे में दिल्लीवासियों को फिलहाल खराब हवा में ही सांस लेनी पड़ेगी।








