जमशेदपुर के कारोबारी कैरव गांधी अपहरण मामले का खुलासा, पुलिस ने हजारीबाग से किया सकुशल बरामद
जमशेदपुर: जमशेदपुर से अपहृत कारोबारी कैरव गांधी को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। कैरव गांधी को हजारीबाग जिले के चौपारण क्षेत्र से बरामद किया गया, जहां अपहरणकर्ता उन्हें ट्रांजिट के दौरान ले जा रहे थे। समय रहते कार्रवाई करते हुए जमशेदपुर पुलिस ने बिहार बॉर्डर के पास ऑपरेशन को अंजाम दिया और अपहृत कारोबारी को सुरक्षित छुड़ा लिया।
पुलिस के अनुसार, इस अपहरण कांड में बिहार के एक बड़े आपराधिक गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी की जा रही है। जमशेदपुर के सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि कैरव गांधी पूरी तरह सुरक्षित हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग
कैरव गांधी, जमशेदपुर के बिष्टुपुर क्षेत्र के प्रतिष्ठित कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र हैं। अपहरण के बाद अपराधियों ने परिजनों से करीब 10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी। चौंकाने वाली बात यह रही कि फिरौती से जुड़े कॉल इंडोनेशिया से किए गए थे, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया।
डीजीपी खुद पहुंचीं जमशेदपुर
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा स्वयं रविवार को जमशेदपुर पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अब तक जुटाए गए सबूतों की समीक्षा की। डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरे गिरोह को कानून के शिकंजे में लाया जाए।
राजनीतिक दबाव भी बना
हाई-प्रोफाइल अपहरण कांड को लेकर पुलिस पर राजनीतिक दबाव भी देखा गया। 23 जनवरी को झारखंड बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू जमशेदपुर पहुंचे थे और कैरव गांधी के परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कारोबारी को जल्द बरामद नहीं किया गया तो पार्टी आंदोलन करेगी। वहीं, जदयू विधायक सरयू राय ने भी इस मामले को लेकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की थी।
फिलहाल, कैरव गांधी की सुरक्षित बरामदगी से परिजनों और शहरवासियों ने राहत की सांस ली है, वहीं पुलिस अब पूरे अपहरण गिरोह को पकड़ने की दिशा में कार्रवाई तेज कर चुकी है।








