पीएम सूर्य घर योजना में झारखंड पिछड़ा, देश में लाखों घर रोशन — राज्य में सिर्फ 1462
रांची: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में झारखंड की रफ्तार देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी धीमी नजर आ रही है। फरवरी 2024 से अब तक देशभर में 20 लाख 85 हजार से ज्यादा घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे 26 लाख से अधिक परिवारों को सीधा लाभ मिला है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 14 हजार 771 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी दी जा चुकी है।
लेकिन झारखंड की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दिसंबर 2025 तक राज्य में सिर्फ 1462 घरों में ही सोलर सिस्टम लग पाए हैं, जबकि केंद्र से महज 9.72 करोड़ रुपये की सहायता मिली है। यह आंकड़ा दिखाता है कि योजना की पहुंच राज्य में बेहद सीमित है।
दूसरी ओर गुजरात जैसे राज्य तेजी से आगे बढ़ चुके हैं। गुजरात में अब तक 5 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं और लगभग 3845 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्राप्त हो चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता की कमी, स्थानीय स्तर पर धीमी प्रक्रिया और तकनीकी सपोर्ट की सीमाएं झारखंड में कमजोर प्रगति के बड़े कारण हैं। ग्रामीण इलाकों तक योजना की जानकारी और आसान आवेदन व्यवस्था न पहुंच पाने से भी लाभार्थियों की संख्या कम बनी हुई है।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकार मानते हैं कि यदि राज्य सरकार गांव-शहर स्तर पर अभियान तेज करे, डिस्कॉम और पंचायतों को सक्रिय भूमिका दे तथा इंस्टॉलेशन प्रक्रिया को सरल बनाए, तो झारखंड भी इस योजना का बड़ा लाभ उठा सकता है।
अब बड़ा सवाल यही है — क्या झारखंड सरकार इस योजना को जमीनी स्तर तक पहुंचा पाएगी, या राज्य राष्ट्रीय रेस में यूं ही पीछे छूटता रहेगा?








