Online Mutation Update: झारखंड में जमीन–फ्लैट म्यूटेशन नियमों में बड़ा बदलाव, दोबारा आवेदन पर लगेगी रोक
रांची: झारखंड में जमीन और फ्लैट के म्यूटेशन (Mutation) की प्रक्रिया जल्द ही पूरी तरह बदलने जा रही है। राज्य सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा झारभूमि सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया जा रहा है, जिसके बाद ऑनलाइन म्यूटेशन के लिए दोबारा आवेदन करने की सुविधा समाप्त हो जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री के बाद संबंधित डीड सीधे एनजीडीआरएस पोर्टल से अंचल अधिकारी (CO) के लॉगइन में पहुंच जाएगी। यदि किसी कारणवश सीओ द्वारा म्यूटेशन आवेदन रद्द कर दिया गया, तो उसी डीड नंबर से दोबारा ऑनलाइन आवेदन संभव नहीं होगा। ऐसे मामलों में आवेदक को अब सीधे डीसीएलआर (DCLR) के पास अपील करनी होगी।
रजिस्ट्री के बाद वही आवेदन मान्य
नई प्रणाली में रजिस्ट्री के तुरंत बाद डीड स्वतः सीओ के सिस्टम में दर्ज हो जाएगी। इसके बाद खरीदार को केवल डीड की प्रति और आवश्यक दस्तावेज अंचल कार्यालय में जमा करने होंगे। म्यूटेशन की पूरी प्रक्रिया सीओ स्तर से शुरू होगी और रद्द आवेदन को दोबारा ऑनलाइन सबमिट करने का विकल्प खत्म हो जाएगा।
पुराने डीड पर लगेगी सख्ती
सॉफ्टवेयर अपग्रेड के बाद 2008 से पहले के रजिस्टर्ड डीड पर म्यूटेशन सीधे नहीं हो सकेगा। ऐसे मामलों में जिला उपायुक्त (DC) के माध्यम से विभागीय अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इससे पुराने दस्तावेजों में छेड़छाड़ और फर्जी म्यूटेशन पर रोक लगेगी।
छोटी गलती पर अब नहीं होगा सीधा रिजेक्शन
अब यदि सीओ किसी आवेदन को खारिज करता है, तो आवेदक को डीसीएलआर के पास अपील का अवसर मिलेगा। दस्तावेज सही पाए जाने पर डीसीएलआर सीओ को म्यूटेशन का निर्देश दे सकते हैं। इससे छोटी तकनीकी त्रुटियों के कारण होने वाले बेवजह रिजेक्शन पर लगाम लगेगी और लोगों का समय बचेगा।
ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने की सुविधा
म्यूटेशन से पहले अब सीओ स्तर पर ऑनलाइन नोटिस जारी किया जाएगा, जिस पर 15 दिनों के भीतर कोई भी संबंधित व्यक्ति आपत्ति दर्ज करा सकेगा। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और वास्तविक रैयतों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।
लंबित मामलों में आएगी कमी
आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष राज्यभर में 23,93,038 म्यूटेशन आवेदन आए, जिनमें से 11,26,392 का निपटारा हुआ, जबकि 12,17,097 आवेदन रद्द कर दिए गए। अभी भी करीब 49,549 आवेदन लंबित हैं। सरकार का मानना है कि सॉफ्टवेयर अपग्रेड के बाद अनावश्यक रिजेक्शन रुकेगा और लंबित मामलों में तेजी से कमी आएगी।








