राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का तीन दिवसीय झारखंड दौरा 28 दिसंबर से, जमशेदपुर और गुमला में कार्यक्रम, रांची में नो फ्लाई जोन
रांची: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का तीन दिवसीय झारखंड दौरा 28 दिसंबर से शुरू हो रहा है। इस दौरान वह जमशेदपुर और गुमला में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगी। राष्ट्रपति रविवार शाम छह बजे विशेष विमान से रांची के भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचेंगी और वहां से सीधे राजभवन जाएंगी। रात्रि विश्राम के बाद वह सोमवार 29 दिसंबर की सुबह नौ बजे हेलीकॉप्टर से जमशेदपुर के लिए रवाना होंगी।
जमशेदपुर में राष्ट्रपति राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इसी दिन वह जाहेरस्थान में ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगी। शाम को राष्ट्रपति रांची लौटेंगी और राजभवन में ही रात्रि विश्राम करेंगी।
मंगलवार 30 दिसंबर को राष्ट्रपति गुमला जिले के रायडीह प्रखंड में आयोजित अंतरराज्यीय जनसांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा 2025’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव और एसटी-एससी विषयक संसदीय समिति के अध्यक्ष फगन सिंह कुलस्ते भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के बाद दोपहर 2.30 बजे राष्ट्रपति हेलीकॉप्टर से रांची लौटेंगी और फिर दिल्ली के लिए रवाना होंगी।
राष्ट्रपति के रांची दौरे को देखते हुए 28 से 30 दिसंबर तक बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से हिनू चौक तक और बिरसा चौक से अरगोड़ा चौक तक के 200 मीटर दायरे को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। इन इलाकों में 28 दिसंबर की सुबह छह बजे से 30 दिसंबर की रात 10 बजे तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी।
राष्ट्रपति की सुरक्षा में राज्य भर से 14 आईपीएस अधिकारी और 75 डीएसपी को तैनात किया गया है। इसके अलावा सैकड़ों इंस्पेक्टर, सेना के अधिकारी और जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल रहेंगे। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। डीजीपी ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में राष्ट्रपति के आगमन और संभावित सीजीएल नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारी तेज कर दी गई है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात, मंच-पंडाल, चिकित्सा और आपदा प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।








