झारखंड में फरवरी से शुरू होगा एसआईआर का दूसरा चरण, फर्जी दस्तावेज पर बने वोटर आईडी पर होगी सख्त कार्रवाई
रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत फरवरी महीने से होने की संभावना है। इसे लेकर राज्य के भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड सहित अन्य राज्यों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
राज्य के के. रवि कुमार ने इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने राज्य में चल रहे मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) कार्य पर संतोष जताया है। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों और उनके क्षेत्रों की जियो-फेंसिंग भी कराई जा रही है, जिससे मतदाता सूची ज्यादा सटीक हो सके।
निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में एसआईआर के दौरान फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर वोटर आईडी बनने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में झारखंड सहित सभी राज्यों को चेतावनी दी गई है कि फर्जी दस्तावेज पर वोटर आईडी बनवाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसआईआर के दौरान जिन मतदाताओं को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी की ओर से नोटिस मिलेगा, उन्हें अपनी पात्रता से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें पिछली गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े प्रमाण भी मांगे जा सकते हैं। सभी दस्तावेज बीएलओ ऐप के माध्यम से अपलोड किए जाएंगे, जिसके बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी उनकी जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर दस्तावेज जारी करने वाले प्राधिकरण से भी सत्यापन कराया जाएगा।
इसके अलावा, जिन घरों की कोई आधिकारिक मकान संख्या नहीं है, उन्हें नोशनल नंबर दिया जाएगा। इससे संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर को मतदाताओं तक पहुंचने में आसानी होगी और फर्जी या डुप्लीकेट नाम हटाने में मदद मिलेगी।
चुनाव आयोग का स्पष्ट संदेश है—
मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध होनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








