गिरिडीह व्यवहार न्यायालय परिसर में ड्रग्स के खिलाफ कार्यशाला, DAWN Scheme 2025 के तहत युवाओं को किया गया जागरूक

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गिरिडीह व्यवहार न्यायालय परिसर में ड्रग्स के खिलाफ कार्यशाला, DAWN Scheme 2025 के तहत युवाओं को किया गया जागरूक

अमित कुमार गिरिडीह: ड्रग्स के बढ़ते खतरे और उसके दुष्प्रभावों को लेकर व्यवहार न्यायालय गिरिडीह परिसर में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) द्वारा प्रारंभ की गई DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation for a Drug Free India) Scheme 2025 के तहत आयोजित किया गया।

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में राज्य के प्रत्येक जिले में DAWN यूनिट का गठन किया गया है। इसी क्रम में गिरिडीह जिले में भी DAWN यूनिट का गठन किया गया है, जिसमें न्यायिक पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, पैनल अधिवक्ता और पारा लीगल वॉलंटियर्स शामिल हैं।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर, दिनांक 12 जनवरी 2026 को आयोजित इस कार्यशाला में ड्रग्स के दुष्प्रभाव, रोकथाम और समाज की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मार्तंड प्रताप मिश्रा ने कहा कि ड्रग्स समाज और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि नशीली दवाएं न केवल व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से बर्बाद करती हैं, बल्कि परिवार और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करती हैं। ड्रग्स के सेवन से अपराध, हिंसा और सामाजिक समस्याओं में वृद्धि होती है।

कार्यशाला में उपस्थित सभी स्टेकहोल्डर्स, विशेषकर युवाओं को व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर ड्रग्स के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान देशव्यापी हेल्पलाइन और पोर्टल की जानकारी भी दी गई—

MANAS – National Narcotics Helpline: 1933
(ड्रग्स तस्करी, अवैध खेती और ड्रग्स से जुड़े अपराधों की रिपोर्टिंग के लिए)
पोर्टल: www.ncbmanas.gov.in

Helpline 14446
(ड्रग्स की लत से मुक्ति, रिहैबिलिटेशन और काउंसलिंग के लिए)

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह श्री मोहम्मद सफदर अली नैयर, डॉक्टर फैजल अहमद और लीगल एड काउंसल्स ने संयुक्त रूप से कहा कि ड्रग्स की रोकथाम के लिए साझा और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को ड्रग्स के खतरे के प्रति जागरूक करना, सही-गलत का फर्क समझाना और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। साथ ही जो लोग इसकी लत में फंस चुके हैं, उन्हें इलाज और पुनर्वास के जरिए समाज की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान एनजीओ अभिव्यक्ति फाउंडेशन द्वारा ड्रग्स के दुष्प्रभाव पर आधारित एक नाटक का मंचन भी किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया।

इस कार्यशाला में पुलिस पदाधिकारी, विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं, अधिवक्ता और पारा लीगल वॉलंटियर्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

GPL NEWS
Author: GPL NEWS

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