गढ़वा में अवैध बूचड़खाने पर बड़ी कार्रवाई: जेसीबी से ध्वस्त, गोकशी के साक्ष्य मिलने पर FIR के निर्देश
गढ़वा:शहर के उंचरी क्षेत्र में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को सघन सर्च अभियान चलाया। यह अभियान अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें एसडीपीओ नीरज कुमार सहित कई विभागों के अधिकारी और भारी पुलिस बल शामिल रहे।
करीब एक घंटे तक चले अभियान के दौरान उंचरी की गलियों में टिन शेड और ईंट से बनी अस्थायी संरचनाओं में संचालित अवैध बूचड़खाना पकड़ा गया। मौके से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पशु अवशेष, चमड़ा और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई। जिला पशुपालन पदाधिकारी विद्यासागर सिंह ने प्रथम दृष्टया इसे गोकशी से जुड़ा मामला बताया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध संरचना को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। बरामद अवशेषों का विधिवत वीडियोग्राफी कर निस्तारण किया गया तथा नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है।
प्रशासन ने पशुपालन विभाग, नगर परिषद और थाना प्रभारी को मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि दोषियों के खिलाफ झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम 2005 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, उंचरी क्षेत्र में अवैध बूचड़खानों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। तिलैया नदी के पास श्मशान घाट में गोवंशीय अवशेष फेंके जाने की शिकायत के बाद प्रशासन ने रणनीति बनाकर यह कार्रवाई की।
सर्च अभियान के दौरान जमीन की पहचान के लिए राजस्व कर्मियों को बुलाया गया और यह पता लगाया जा रहा है कि जिस जमीन पर बूचड़खाना चल रहा था उसका मालिक कौन है। मौके से मिले बारकोड टैग की भी जांच कराई जा रही है, ताकि पशुओं के मालिकों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
अभियान में सफी आलम, सुशील कुमार, दीपश्री, सुनील कुमार तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
एसडीएम संजय कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी इस प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।






