गढ़वा: विधायक प्रतिनिधि ने झारखंड बजट को बताया जनविरोधी, कहा – महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा-स्वास्थ्य पर सरकार पूरी तरह विफल
गढ़वा: रमकंडा के विधायक प्रतिनिधि Gyanranjan Pandey ने झारखंड सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए बजट को निराशाजनक, जनविरोधी और विकास विरोधी बताया है।
ज्ञानरंजन पांडेय ने कहा कि राज्य की जनता को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर कोई ठोस रोडमैप पेश नहीं कर सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब, किसान, महिला, छात्र और युवा—हर वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी झारखंड का बजट करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये का था, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला। इस बार भी आशंका है कि बजट की राशि विभागों में घूमती रहेगी और आम जनता तक इसका लाभ नहीं पहुंचेगा।
मंईयां सम्मान योजना को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार सिर्फ इसी योजना को किसी तरह आगे बढ़ाने में लगी है, जबकि रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के विकास पर गंभीरता नजर नहीं आती।
ज्ञानरंजन पांडेय ने मांग की कि सरकार घोषणाओं से आगे बढ़कर ठोस कार्ययोजना बनाए, ताकि झारखंड की जनता को वास्तविक राहत मिल सके।







