गढ़वा में आस्था, उल्लास और नई उम्मीद का संदेश: बरवा सर्कल में भव्य रूप से संपन्न हुआ पास्का पर्व
गढ़वा: जिले के रमकंडा प्रखंड के बरवा सर्कल क्षेत्र में खजूर पर्व से शुरू हुआ पवित्र पास्का पर्व इस वर्ष अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हो गया। शनिवार देर रात आयोजित पास्का जागरण मिस्सा के साथ यह धार्मिक आयोजन अपने चरम पर पहुंचा, जहां पूरे क्षेत्र में आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
चर्च परिसर में भक्ति गीतों, प्रार्थनाओं और दीप ज्योति से वातावरण पूरी तरह आलोकित हो उठा। श्रद्धालु पूरे समय भक्ति में लीन रहे और उत्सव का आनंद उठाया।

जागरण मिस्सा की शुरुआत डाल्टनगंज धर्म प्रांत के फादर बासिल डुंगडुंग द्वारा पास्का मोमबत्ती प्रज्वलित कर की गई, जो यीशु मसीह के पुनर्जीवन का प्रतीक मानी जाती है। मोमबत्ती की ज्योति के साथ ही पूरे परिसर में आशा और प्रकाश का संदेश फैल गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से ज्योति का गुणगान किया, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो गया।
अपने संदेश में फादर बासिल डुंगडुंग ने कहा कि पास्का पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन में नई शुरुआत, आशा और सकारात्मकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यीशु मसीह ने मृत्यु पर विजय पाकर पुनर्जीवन का संदेश दिया, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में निराशा और अंधकार को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए।
पूरी रात जागरण, भजन-कीर्तन और प्रार्थनाओं का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विशेष रूप से गायक युवा मंडली बरवा की प्रस्तुतियों ने माहौल को भावपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सिस्टर जगरानी, ब्रदर बेसिन बेनेडिक्ट, समिति अध्यक्ष मंगलदास तिर्की, नोवस कच्छप, मुखिया पति शिवलखन लकड़ा, सुनीला, ज्ञानदानी, बसंती पन्ना, किरण कच्छप, निरोज लकड़ा, खुशबू एवं मधु तिर्की सहित कई लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।






