गढ़वा जिले के उभका बाबा धाम में दो दिवसीय पूजा शुरू, ऐतिहासिक मेले में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
गढ़वा:जिले के रमकंडा प्रखंड अंतर्गत हरहे गांव स्थित उभका बाबा धाम में मंगलवार से दो दिवसीय पूजा-अर्चना एवं ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ हो गया। बुधवार को यहां भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा। वर्ष 1965 से लगातार आयोजित हो रहा यह मेला आस्था,चमत्कार और लोकविश्वास का प्रतीक बन चुका है।
हर वर्ष चैत्र मास की त्रयोदशी को यहां श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता है। दूर-दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं।

स्थानीय जनश्रुति के अनुसार वर्षों पहले गांव के पंचु सिंह, भरत सिंह और अन्य ग्रामीण पशु चराने निकले थे। इसी दौरान उन्होंने एक टीले की मिट्टी को गीला पाया, जबकि आसपास का इलाका पूरी तरह सूखा था। जब उस स्थान की खुदाई की गई, तो वहां से जलधारा फूट पड़ी। आश्चर्य की बात यह है कि पत्थरों के बीच स्थित यह जलस्रोत आज तक कभी नहीं सूखा। भीषण गर्मी में भी यहां लगातार पानी निकलता रहता है।
जिस स्थान से जलधारा निकलती है, वहां शिवलिंग जैसी आकृति दिखाई देती है। इसी कारण यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बन गया है। लोगों का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नतें अवश्य पूरी होती हैं।
रमकंडा प्रखंड मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर हरहे पंचायत स्थित यह स्थल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है। हरहे पंचायत के मुखिया श्रवण प्रसाद कमलापुरी सहित ग्रामीण विरेंद्र साव और दिनेश यादव ने बताया कि मेले के दौरान यहां भारी भीड़ उमड़ती है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब जाता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस आस्था से जुड़े स्थल को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की मांग की है, ताकि यह ऐतिहासिक धाम और अधिक लोगों तक अपनी पहचान बना सके।
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