गढ़वा: मजदूरी के लिए बक्सर गयी गढ़वा की नाबालिक सात साल से बंधक, रमकंडा-भंडरिया से जुडा है मामला
गढ़वा: जिले के भंडरिया थाना क्षेत्र स्थित मदगड़ी (क) से एक नाबालिग लड़की को काम कराने के लिये करीब सात साल से बंधक बनाये जाने का मामला सामने आया है. नाबालिग कुमारी को बिहार के बक्सर के एक संपन्न परिवार के यहां घरेलू काम कराने के लिये जबरन रखा गया है.
खुशबू कुमारी जब वहां काम करने गयी हुयी थी, तब उसकी उम्र करीब नौ साल थी. लेकिन अब वह 16 साल की हो गयी है. नाबालिग की मां पवित्री देवी ने उपायुक्त एवं बाल कल्याण समिति को आवेदन देकर मुक्त कराकर घर वापस लाने की मांग की है.

पवित्री कुंवर ने कहा कि वह जब काम करने गयी थी, तो मात्र 160 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से उसे मजदूरी दी जाती थी, लेकिन सात सालों में कभी भी उसे मजदूरी का हिसाब नहीं किया गया है.
पिता व नानी की मौत पर भी घर नहीं आने दिया गया
नाबालिग की मां पवित्री कुंवर (पति स्व सकेंद भुईंया) ने बताया कि रमकंडा प्रखंड निवासी संजय राम के माध्यम से वह, अपने पति व तीन नाबालिग बच्चों के साथ साल 2018 में बिहार के बक्सर निवासी बबिता सिंह के यहां काम करने के लिए गयी थी. उससे बबिता सिंह के घर की सफाई व 20 पशुओं के फार्म को साफ-सुथरा कराने का काम कराया जाता था.
इसी दौरान जब उसके पति की तबीयत खराब रहने लगी, तो करीब सात माह काम करने के बाद वापस लौट आयी. पति की तबीयत खराब रहने पर जब घर में कोई कमानेवाला नहीं बचा, तब वह फिर से 2019 में वहां नाबालिग बच्चों को लेकर चली गयी. इसके बाद उसकी एक नाबालिग बेटी खुशबू कुमारी को बंधक बना लिया गया. पवित्री कुंवर ने बताया कि इस बीच 2021 में खुशबू की नानी व 2023 में पिता की मौत होने पर भी उसे घर नहीं आने दिया गया. हाल में उसके चचेरे भाई की शादी में भी उसे घर आने नहीं दिया गया.






