गढ़वा: चारा घोटाला से भी बड़ा है ट्रेजरी घोटाला. जेटेट परीक्षा नहीं चाहती हेमंत सरकार: विधायक
गढ़वा: शुक्रवार को रमकंडा पहुंचे गढ़वा विधायक सतेंद्रनाथ तिवारी ने कहा की झारखण्ड में चारा घोटाला से भी बड़ा ट्रेजरी घोटाला हो गया. अभी यह आकड़ा 100 करोड़ से पार हो गया. उन्होंने कहा की राज्य में जिस कोषागार को पूरा हिसाब किताब रखने का जिम्मा है. वहीं यह गड़बड़ी हुई है. उन्होंने कहा की वित्त मंत्री आज सभी जगह जांच की बात कह रहे हैं. लेकिन इसकी नियमित जांच क्यूँ नहीं करायी गयी. दरअसल शुक्रवार को गढ़वा विधायक श्री तिवारी अपने कार्यकर्ता के घर शादी समारोह कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. जहां उन्होंने पत्रकार वार्ता में यह बात कही. इस दौरान विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी समेत स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद थे. उन्होंने कहा की आज झारखण्ड के मुख्यमंत्री एक अरब का अपना घर बना रहे हैं. वहीं बच्चों को छात्रवृति का लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा है. पैसे के अभाव में परीक्षा नहीं दे पा रहे. किसानो को धान बेचने के बाद भी पैसा नहीं मिल रहा है. उन्होने कहा की आज झारखण्ड की ऐसी स्थिति हो गयी. की आम लोगों की बात कोई सुनने वाला नहीं है.
सरकार जेटेट परीक्षा लेना नहीं चाहती, युवाओं को गुमराह कर रही

श्री विधायक ने कहा की पढ़े लिखे झारखण्ड के युवा आज 10 सालों से झारखण्ड शिक्षक पात्रता परीक्षा के इन्तजार में हैं. कई युवाओं की उम्र ख़त्म हो गयी. कहा की अगर सरकार की मंशा साफ़ होती तो रघुवर सरकर की 2016 वाली नियमावली के आधार पर ही पात्रता परीक्षा आयोजित कराकर 26 हजार शिक्षकों के खाली पदों के भर सकती थी. लेकिन हेमंत सरकार भाषा के विवाद में इसे उलझा के रखा. भोजपुरी, मगही हिंदी को रीजनल भाषा के रूप में नहीं माना. कहा की गढ़वा पलामू के लोग भोजपुरी, मगही ओर हिंदी को जानते हैं. यहां के लोगों की मांग थी की रीजनल भाषा में भोजपुरी मगही के साथ हिंदी को भी रखे. लेकिन नियमावली में सरकार ने इसे हटाकर कुडुख, नागपुरी, कुरमाली, उड़िया,बांग्ला को रखा. ताकि लोग इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाए. ओर नियमावली पर रोक लगे. सरकार दो सालों से ओबीसी छात्रों को छात्रवृति नहीं दे पा रही है. 
कब होगी परीक्षा, कुछ पता नहीं
उन्होंने कहा की वे इस मामले को लेकर राज्यपाल से मिलकर यहां के छात्रों की इन समस्याओं को रखा. हालांकि अब सरकार ने नियमावली को रद्द कर दिया है. लेकिन फिर से कब परीक्षा होगी. कुछ पता नहीं है. उन्होंने कहा की उन छात्रों का क्या होगा. जो बैल बकरी बेचकर शहरों में इस परीक्षा की तैयारी में लगे हैं. उन्होंने कहा की इस सरकार में यह परीक्षा होना संभव नहीं है.
छः सालों में बालू घाट का टेंडर नहीं कर पायी सरकार
श्री तिवारी ने कहा की सरकार जानबूझकर बालू घाट का टेंडर नहीं करा रही. ताकि चोरी बढे. और कमीशनखोरी का पैसा मुख्यमंत्री तक पहुंचे. आज छात्रवृति के अभाव में तिन लाख बच्चों का नाम कट गया. विद्यार्थी आज सड़क पर हैं. बहाली होता नहीं. बालू का वही हाल है. हेमंत सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए की आप किसलिए हैं. उन्होंने कहा की अब सरकार के जाने का समय आ गया है.
सड़क दुर्घटना में घायल कार्यकर्ता का हाल जाना
रमकंडा पहुंचे गढ़वा विधायक श्री तिवारी युवा भाजपा कार्यकर्ता छोटेलाल अग्रवाल के घर पहुंचे, जहां उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. एक माह पहले छोटेलाल एक दुर्घटना में घायल हो गए थे. इसके अलावे भाजपा कार्यकर्ता धनंजय विश्वकर्मा के घर तिलक समारोह में पहुंचे. इस दौरान कार्य्कर्ताओं से क्षेत्र की स्थिति के बारे में जानकारी ली.






