गढ़वा का युवक निकला नकली नोट गिरोह का सरगना, राजस्थान पुलिस की बड़ी कार्रवाई
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले का एक युवक अंतरराज्यीय नकली नोट गिरोह का मास्टरमाइंड निकला है। राजस्थान की दौसा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गढ़वा के खरौंधी निवासी विशाल उपाध्याय और अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) निवासी संतोष सिंह वाल्मीकि को गिरफ्तार किया है। दोनों पर नकली नोट छापने और विभिन्न राज्यों में उसकी सप्लाई करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार आरोपी नोएडा में रहकर हरियाणा के फरीदाबाद से पूरे रैकेट का संचालन कर रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने प्रिंटिंग मशीनों के साथ 24.84 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह पिछले चार-पांच महीनों से सक्रिय था और कई राज्यों में नकली नोट खपा रहा था।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे एक लाख रुपये के नकली नोट मात्र 35 हजार रुपये में बेचते थे। नकली नोट इतने बारीकी से तैयार किए जाते थे कि पहली नजर में असली और नकली में अंतर कर पाना मुश्किल था। हालांकि कागज की गुणवत्ता कमजोर होने के कारण संदेह होने की संभावना रहती थी।
इस पूरे मामले का खुलासा 28 मई को तब हुआ जब दौसा के एक दुकानदार को 500 रुपये का संदिग्ध नोट मिला। दुकानदार की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को पकड़ा। पूछताछ में गढ़वा निवासी विशाल उपाध्याय और उसके साथी का नाम सामने आया, जिसके बाद फरीदाबाद में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। मामले की जांच जारी है।






