18 वर्षों से सेवा दे रहे एमपीडब्ल्यू कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर किया विरोध, स्थायी समायोजन की उठाई मांग
गढ़वा: झारखंड बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी (एमपीडब्ल्यू) कर्मचारी संघ के राज्यव्यापी आह्वान पर मंगलवार को गढ़वा जिले के भंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के एमपीडब्ल्यू कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से कर्मियों ने सरकार से 18 वर्षों से कार्यरत एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों का स्थायी समायोजन करने तथा नई नियुक्ति से संबंधित जारी विज्ञापन को रद्द करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि वे पिछले लगभग 18 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रहे हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, संचारी रोग नियंत्रण, मलेरिया एवं फाइलेरिया उन्मूलन अभियान, कुष्ठ एवं क्षय रोग नियंत्रण, वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम, स्वास्थ्य सर्वेक्षण, जनजागरूकता अभियान तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में एमपीडब्ल्यू कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि गांव-गांव जाकर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों को सफल बनाने में एमपीडब्ल्यू कर्मियों ने हमेशा जिम्मेदारी के साथ कार्य किया है। इसके बावजूद वर्षों की सेवा के बाद भी उनका स्थायी समायोजन नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में निराशा और असंतोष व्याप्त है।
कर्मियों ने सरकार से मांग की कि सबसे पहले लंबे समय से सेवा दे रहे एमपीडब्ल्यू कर्मियों का स्थायी समायोजन सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद ही नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
प्रदर्शन के दौरान सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का परिचय दिया और सरकार से न्यायोचित निर्णय लेने की अपील की।
विरोध प्रदर्शन में एमपीडब्ल्यू शीतल पवन तिर्की, मिथिलेश सिंह, आदित्य कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह, वेद प्रकाश, संतोष टोप्पो, राजू केरकेट्टा, संदीप कुमार सिंह सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।






