रमकंडा में खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच, प्रतिबंधित रंग वाली 22 किलो मिठाई नष्ट
गढ़वा; जिले के रमकंडा में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को रमकंडा प्रखंड मुख्यालय में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गढ़वा-4 रोहित कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य अमानक, मिस-लेबलिंग वाले तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले उत्पादों की जांच करना था।
यह अभियान राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान के तहत FSSAI द्वारा चिन्हित नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया। इस दौरान रमकंडा प्रखंड मुख्यालय के विभिन्न थोक एवं खुदरा बाजारों, किराना दुकानों तथा अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने खाद्य उत्पादों की उपलब्धता, भंडारण, बिक्री और लेबलिंग की भी जांच की।

22 किलो मिठाई में मिला गैर-अनुमोदित रंग
जांच के दौरान 12 किलो जलेबी और 10 किलो बूंदी लड्डू, कुल 22 किलो मिठाई में गैर-अनुमोदित खाद्य रंग का इस्तेमाल पाया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर दोनों मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
इसके अलावा रंका एवं रमकंडा प्रखंड क्षेत्र में कुल 115 संदिग्ध, गुमराह करने वाले एवं अमानक खाद्य पदार्थों की भी जांच की गई।
बिना लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठानों को निर्देश
अभियान के दौरान जिन खाद्य प्रतिष्ठानों के संचालकों के पास खाद्य अनुज्ञप्ति अथवा पंजीकरण नहीं पाया गया, उन्हें जल्द से जल्द आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी रोहित कुमार ने दुकानदारों एवं खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों का पूरी तरह पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन, प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री या भंडारण अथवा मिस-लेबलिंग पाई जाती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act), 2006 तथा इसके तहत बनाए गए नियमों एवं विनियमों के प्रावधानों के अनुसार संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






