PESA Rules 2025 Implemented: झारखंड में पेसा नियमावली 2025 लागू, ग्राम सभा को मिला सशक्त अधिकार
रांची। झारखंड सरकार ने अनुसूचित क्षेत्रों के लिए “पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्र) झारखंड नियमावली – PESA Rules 2025” को लागू कर दिया है। सरकार ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की, जिसके बाद यह नियमावली राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इस कदम का उद्देश्य जनजातीय समुदायों की पारंपरिक व्यवस्थाओं को सशक्त बनाना और ग्राम स्वशासन को मजबूती देना है।
नई नियमावली के तहत अब ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य होगी। किसी भी निर्णय के लिए ग्राम सभा की बैठक में कोरम पूरा होना जरूरी होगा। ग्राम सभा को पारंपरिक व्यवस्था के तहत दंड देने का अधिकार भी दिया गया है। यदि किसी व्यक्ति से गांव को क्षति पहुंचती है, तो ग्राम सभा अधिकतम 2,000 रुपये तक का आर्थिक दंड लगा सकेगी। हालांकि ग्राम सभा के पास कारावास की सजा देने का अधिकार नहीं होगा।
यदि गलती बिना नीयत के हुई हो, तो ग्राम सभा दोष स्वीकार करने पर माफी भी दे सकेगी। दंड की राशि प्रभावित व्यक्ति की आर्थिक क्षमता को ध्यान में रखकर तय की जाएगी और यह राशि ग्राम कोष में जमा होगी। दंड के खिलाफ अपील की व्यवस्था भी पारंपरिक सामाजिक ढांचे के भीतर सुनिश्चित की गई है।
नियमावली के अनुसार, अब हर पारंपरिक गांव की अपनी ग्राम सभा होगी, जिसकी अध्यक्षता संबंधित समुदाय के पारंपरिक प्रधान (जैसे मांझी, मुंडा, पाहन, महतो आदि) करेंगे। ग्राम सभा की बैठक महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य होगी। कोरम के लिए कुल सदस्यों का एक-तिहाई, जिसमें एक-तिहाई महिला सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।

प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार
PESA Rules 2025 के तहत ग्राम सभा को अपने क्षेत्र में स्थित जल निकायों, लघु खनिजों और लघु वन उपज (महुआ, शहद, लाह, बांस, औषधीय पौधे आदि) के प्रबंधन और नियंत्रण का अधिकार दिया गया है। इसके साथ ही ग्राम सभा को अपने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और विवाद सुलझाने का मौलिक दायित्व भी सौंपा गया है।
योजनाओं पर ग्राम सभा की भूमिका
नियमावली में तय किया गया है कि किसी भी प्रस्तावित विकास योजना पर ग्राम सभा को 30 दिनों के भीतर निर्णय लेना होगा, अन्यथा योजना स्वतः स्वीकृत मानी जाएगी। अब किसी भी सरकारी विभाग या पंचायत को गांव में योजना लागू करने से पहले ग्राम सभा की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
16 जिलों में लागू होगा PESA
PESA Rules 2025 राज्य के 16 जिलों में लागू होंगे। रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ में यह पूर्ण रूप से, जबकि पलामू, गोड्डा और गढ़वा में आंशिक रूप से लागू किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अधिसूचना जल, जंगल और जमीन पर जनजातीय समुदायों के पारंपरिक अधिकारों को कानूनी सुरक्षा देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।








