गढ़वा DSO के बाद अब अपर समाहर्ता ने किया खेल, अपने तबादले के बाद अंचल ऑपरेटरों का किया स्थानांतरण
मुकेश तिवारी गढ़वा
गढ़वा DSO देवानंद राम के बाद अब तत्कालीन अपर समाहर्ता राज महेश्वरम ने अपने तब्द्ला आदेश निकलने के बाद गढ़वा जिले के छः अंचल कम्पुटर ऑपरेटर का तबादला कर दिया. उसके बाद लोहरदगा चलते बने.

गढ़वा जिले में अपर समाहर्ता के इस आदेश ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है. यह मामला अंचल कार्यालय में आउटसोर्सिंग से बहाल कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्थानांतरण से जुड़ा हुआ है. जानकारी के अनुसार अपर समाहर्ता राज महेश्वरम ने अपने स्थानांतरण आदेश के एक दिन बाद अंचल के छह कंप्यूटर ऑपरेटरों का पुनः स्थानांतरण कर दिया.
करीब दो माह पहले तात्कालीन उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने राजस्व विभाग रांची के आदेश पर जिले के सभी 19 अंचल के कंप्यूटर ऑपरेटरों का एक साथ स्थानांतरण किया था. इसके बावजूद अपर समाहर्ता ने 23 मई 2026 को पत्रांक 511 के माध्यम से छह ऑपरेटरों का स्थानांतरण कर दिया.
उल्लेखनीय है कि 22 मई 2026 को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने अपर समाहर्ता राज महेश्वरम को लोहरदगा का उपविकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद नियुक्त किया था. नियमानुसार अंचल स्तर के कंप्यूटर
ऑपरेटरों के स्थानांतरण का निर्णय उपायुक्त स्तर से ही लिया जाता रहा है, लेकिन इस आदेश की प्रति डीसी को नहीं भेजी गयी और सीधे अंचल पदाधिकारियों एवं आउटसोर्सिंग कंपनी मेसर्स एवरग्रीन सर्विसेज अरगोड़ा रांची को भेज दी गयी.
इन ऑपरेटरों का हुआ स्थानांतरण
जिन ऑपरेटरों का अपर समाहर्ता ने स्थानांतरण किया है, उनमें धर्मेंद्र कुमार मिश्रा को भंडरिया से डंडई अंचल कार्यालय, आदर्श कुमार यादव को डंडई से भंडरिया अंचल कार्यालय, रघुनाथ पाल को गढ़वा से भवनाथपुर अंचल कार्यालय, आलम अंसारी को भवनाथपुर से गढ़वा अंचल कार्यालय, अशरफ अली को मेराल से रंका अंचल कार्यालय व अपसर अंसारी को रंका से मेराल अंचल कार्यालय स्थानांतरित कर दिया गया है.
इसके पहले वर्ष 2024 में रमकंडा बीडीओ के प्रभार में रहे गढ़वा DSO देवानंद राम भी ऐसा कर चुके हैं. नौ जनवरी को प्रभार – लेकर छह महीने 20 दिन रमकंडा बीडीओ के प्रभार में रहने के बाद ऑपरेटर की जरूरत महसूस नहीं हुई. लेकिन गढ़वा डीसी की का ओर से 29 जुलाई 2024 को रमकंडा के प्रभार से हटाये जाने के एक दिन बाद का उन्होंने मुखिया के बेटे को मनरेगा का कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया था. हालांकि मामला सामने आने के बाद यह आदेश बहल नहीं हुआ
मामला गंभीरः उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने कहा कि यह गंभीर मामला है और इसकी जानकारी ली जा रही है. जब सभी का स्थानांतरण पहले से उपायुक्त स्तर से किया जा चुका था, तब इस तरह का निर्णय क्यों लिया गया, इसकी जांच की जा रही है.






