GARHWA: गढ़वा सिविल सर्जन की कारवाई से आहत होमगार्ड जवान ने किया आत्महत्या का प्रयास, भंडरिया में चर्चा जोरो पर

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GARHWA: गढ़वा सिविल सर्जन की कारवाई से आहत होमगार्ड जवान ने किया आत्महत्या का किया प्रयास, भंडरिया में चर्चा जोरो पर

गढ़वा: सिविल सर्जन की एक कारवाई से आदिवासी होमगार्ड के जवान ने आत्महत्या का प्रयास किया.हालाँकि स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने उसे रोक लिया.ओर इस कारवाई की चर्चा भंडरिया के चौक चौराहों पर होने लगी. जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भंडरिया में पिछले दिनों एक महिला चिकित्सक और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के बीच किसी बात को लेकर बहस हो रही थी.

इसी दौरान मामले को शांत कराने पहुंचे अस्पताल में नियुक्त होमगार्ड के जवान फरजुन मिंज को महिला चिकित्सक से दुर्वयवहार का जिम्मेदार बना दिया गया. आरोप है की महिला चिकित्सक की शिकायत पर सिविल सर्जन ने मामले की जांच कराये बिना महिला चिकित्सक से दुर्वयवहार के आरोपों को सही मानते हुए सीधे होमगार्ड के जवान पर कारवाई कर दी. और सिविल सर्जन ने झारखण्ड गृह रक्षा वाहिनी के जिला समादेष्ट गढ़वा से स्वास्थ्य विभाग में इस होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति को रद्द करने की अनुशंसा कर दी.

इधर इस कार्रवाई के खिलाफ स्वास्थ्यकर्मी, होमगार्ड जवानों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है. उनका आरोप है कि बिना किसी निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्ष का बयान लिए एकतरफा कार्रवाई की गई. जिससे एक गरीब परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है.

मामले को लेकर भंडरिया पंचायत की पूर्व मुखिया सुशीला केरकेट्टा ने भी सिविल सर्जन से दूरभाष पर बात की.पूर्व मुखिया का कहना है कि उन्होंने निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया, लेकिन सिविल सर्जन ने कानून के तहत कारवाई की बात कह दी.मुखिया का कहना है की कानून सबके लिए समान है तो निष्पक्ष जांच भी होनी चाहिए थी. कर्मचारी संगठनों का भी कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो वे आगे आंदोलन की रणनीति बना सकते हैं.

हमने कोई दुर्वयवहार नहीं किया, बस मामले को शांत कराया: जवान

होमगार्ड के जवान फरजून मिंज ने कहा की प्रभारी चिकित्सक ओर महिला चिकित्सक पानी को लेकर दोनों में कहासुनी हो रही थी. मामला बढ़ न जाए. इसे लेकर उन्होंने जाकर दोनों के बिच बिच बचाव करते हुए मामले को शांत कराया. लेकिन उन्हें नहीं पता था की उनपर ही दुर्वयवहार का आरोप लगाकर कारवाई करा दी जाएगी. जबकि आरोप के बाद मामले की किसी भी तरह से जांच नहीं करायी गयी. ओर न ही उनसे इस मामले पर कोई जवाब पूछा गया.

होमगार्ड पर कोई बड़ी कारवाई नहीं की है: सिविल सर्जन

सिविल सर्जन जॉन एफ़ कनेडी ने इन आरोपों से इनकार किया. कहा की महिला चिकित्सक से दुर्व्यवहार का मामला है. एक दो अन्य महिला चिकित्सकों ने भी पहले उस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा की उन्होंने होमगार्ड पर कोई बड़ी कारवाई नहीं की है. बस स्वास्थ्य विभाग के अस्पताल से प्रतिनियुक्ति रद्द करने की अनुशंसा की है. बाक़ी दूसरे जगह वह प्रतिनियुक्ति कराकर ड्यूटी कर सकता है.

GPL NEWS
Author: GPL NEWS

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