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स्कूल जाने का रास्ता बंद होने पर छात्रों ने किया चक्का जाम, तीन घंटे तक बाधित रहा बांदु-चुतरू मार्ग

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स्कूल जाने का रास्ता बंद होने पर छात्रों ने किया चक्का जाम, तीन घंटे तक बाधित रहा बांदु-चुतरू मार्ग

गढ़वा: जिले के रंका प्रखंड स्थित बांदु-चुतरू उत्क्रमित प्लस टू उर्दू उच्च विद्यालय में आने-जाने का रास्ता बंद होने से नाराज छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को बांदु-चुतरू मुख्य मार्ग पर करीब तीन घंटे तक चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण रंका-रामानुजगंज मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विद्यालय तक जाने के लिए स्थायी सड़क की मांग की। छात्रों का कहना था कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए कोई सरकारी रास्ता नहीं है। वे वर्षों से रैयती भूमि की पगडंडी से स्कूल आते-जाते थे, लेकिन अब संबंधित रैयतों ने खेत की जुताई कर तथा कांटेदार घेराबंदी कर रास्ता बंद कर दिया है। इससे छात्रों और शिक्षकों को उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी मो. परवेज, अंचल पदाधिकारी शिवपूजन तिवारी तथा एसआई मो. सफीउल्लाह अंसारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात सामान्य हो सका।

एसडीओ मो. परवेज ने स्थल निरीक्षण कर विद्यालय प्रबंधन और रैयतों से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जिस पगडंडी से छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं, वह रैयती भूमि है और उस रास्ते से आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने अंचल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सरकारी सर्वे भूमि का सीमांकन कर विद्यालय तक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाए।

अंचल पदाधिकारी शिवपूजन तिवारी ने कहा कि सर्वे भूमि का सीमांकन कर जल्द ही विद्यालय तक पहुंचने के लिए सरकारी रास्ता तैयार कराया जाएगा, ताकि छात्रों और शिक्षकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार पासवान ने बताया कि वर्ष 2015 में विद्यालय का नया भवन बना था तथा दो वर्ष पूर्व इसे उत्क्रमित प्लस टू उर्दू उच्च विद्यालय का दर्जा मिला। बावजूद इसके आज तक विद्यालय तक पहुंचने के लिए सरकारी सड़क नहीं बन सकी। उन्होंने कहा कि यदि सर्वे वाले रास्ते का उपयोग किया जाता है तो विद्यालय की दूरी करीब दो किलोमीटर बढ़ जाएगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी प्रशासन से विद्यालय तक शीघ्र स्थायी सड़क उपलब्ध कराने की मांग की है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

इस दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मो. नईमुद्दीन अंसारी, शिक्षक मो. परवेज, अकबर अंसारी, रियाजुद्दीन अंसारी, डॉ. रहबर अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

GPL NEWS
Author: GPL NEWS

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