सालो जंगल में दिनदहाड़े शिक्षक की गोली मारकर हत्या,10 दिन पहले बने थे पिता,तीन जिंदा कारतूस,दो खोखा और बाइक बरामद
गढ़वा: जिले में अपराधियों ने रविवार को दिनदहाड़े एक सरकारी शिक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी। यह सनसनीखेज वारदात बड़गड़ थाना क्षेत्र के सालो जंगल स्थित ललमटिया मोड़ के समीप हुई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस ने मौके से तीन जिंदा कारतूस, दो खोखा तथा मृतक की अपाचे मोटरसाइकिल (JH 20 F 8585) बरामद कर जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान सिमडेगा जिले के मंगरकुंडा निवासी दीपक केरकेट्टा (35) के रूप में हुई है। वह सरकारी शिक्षक थे और इन दिनों रमकंडा थाना क्षेत्र के बरवा गांव स्थित अपने ससुराल आए हुए थे।

जानकारी के अनुसार, दीपक शनिवार को अपनी सास अनसतसिया कुजूर को उनके मायके बरवा गांव छोड़ने आए थे। रविवार सुबह करीब नौ बजे वह अपनी अपाचे बाइक से बरवा से बड़गड़-कुसमी-जशपुर मार्ग होते हुए अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सालो जंगल के ललमटिया मोड़ के पास बाइक सवार दो अपराधियों ने उनका पीछा किया और रास्ते में रोक लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दीपक अपनी जान बचाने के लिए अपराधियों से लगातार कहते रहे, “हम दे देंगे सर, मत मारिए।” इसके बावजूद अपराधियों ने पहले दो राउंड हवाई फायरिंग की और फिर बेहद करीब से उनकी कनपटी पर गोली मार दी। गोली लगते ही दीपक सड़क पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों अपराधी मुख्य सड़क की ओर से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही बड़गड़ थाना प्रभारी दीपक कुमार मौर्य पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल दीपक को तत्काल भंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया।
घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे रंका अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) रोहित रंजन सिंह ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
बड़गड़ थाना प्रभारी दीपक कुमार मौर्य ने बताया कि घटनास्थल से तीन जिंदा कारतूस, दो खोखा और मृतक की अपाचे बाइक बरामद की गई है। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में लेन-देन के विवाद की आशंका सामने आई है, हालांकि पुलिस ने कहा कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और सभी बिंदुओं पर जांच जारी है।
मृतक के साले जोहन केरकेट्टा ने बताया कि दीपक की किसी से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
महज 10 दिन पहले घर में गूंजी थी किलकारी
आपको बता दे की दीपक केरकेट्टा महज 10 दिन पहले ही पिता बने थे और परिवार में खुशियों का माहौल था। नवजात की छठी का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद वह अपनी सास को बरवा गांव छोड़कर वापस लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में अपराधियों ने उनकी हत्या कर दी।
दीपक अपने पीछे पत्नी मुक्ति केरकेट्टा, 10 दिन का नवजात पुत्र, ससुर जवाकिम उर्फ लालमोहन केरकेट्टा सहित अपना भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले का जल्द खुलासा कर आरोपितों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।






